| Title | गणेश पुराण |
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| About PDF | किसी भी पूजा-अर्चना या शुभ कार्य को सम्पन्न कराने से पूर्व गणेश जी की आराधना की जाती है। यह गणेश पुराण अति पूजनीय है। इसके पठन-पाठन से सब कार्य सफल हो जाते हैं। हिन्दु धर्म की मान्यताओं में जो आख्यान शुमार किए जाते हैं, उनमें पुराण एक बहुत बड़ा स्त्रोत हैं। कुल 18 पुराण हैं। महर्षि वेद व्यास को इन पुराणों का रचियता माना गया है। 18 पुराणों में देवी देवताओं को आदर्श बताया गया है। पुराणों में देवी देवताओं की कहानी के साथ पुण्य और पाप का प्रतिफल बताया गया है ताकि सुनने वाले पाप-पुण्य का फेर समझ सकें। वेद व्यास लिखित 18 पुराणों में से एक है, गणेश पुराण। गणेश पुराण में पांच खंड हैं। गणेश पुराण में गणेश जी की लीलाओं का बखान है। |
| Language | Hindi |
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